आज करें स्कंदमाता की आरती - इन मंत्रों के जाप से मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

     आज चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा होती है। स्कंदमाता सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी गोद में छह मुखों वाले स्कंदकुमार होते हैं। स्कंदमाता की आराधना से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। जो लोग संतान की कामना से स्कंदमाता की पूजा करते हैं, उनको संतान सुख प्राप्त होता है।



     आज के दिन आपको स्कंदमाता की पूजा के समय नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करना चाहिए और स्कंदमाता की आरती विधिपूर्वक करनी चाहिए। ऐसे करने से स्कंदमाता आपके मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं। 







 














 स्कंदमाता की स्तुति मंत्र


या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।


नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥


 


स्कंदमाता की प्रार्थना


सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।


शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥


स्कंदमाता बीज मंत्र


ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।


मंत्र


1. महाबले महोत्साहे। महाभय विनाशिनी।


त्राहिमाम स्कन्दमाते। शत्रुनाम भयवर्धिनि।।


2. ओम देवी स्कन्दमातायै नमः॥


स्कंदमाता की पूजा का महत्व


   स्कंदमाता की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो नि:संतान दंपत्ति हैं, उनको स्कंदमाता के आशीर्वाद से संतान सुख मिलता है। संकट और शत्रुओं के दमन के लिए भी स्कंदमाता की पूजा करना उत्तम होता है।


आज क्या करें


   चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन आपको स्कंदमाता को बताशे का भोग लगाना चाहिए। वहीं, पूजा में कमलगट्टा, पान, सुपारी, लौंग का जोड़ा और किसमिस चढ़ाना चाहिए।