कंधे पर 5 साल के बेटे का शव - मीलों अकेले चलकर श्मशान घाट पहुंचा पिता

     खतरनाक कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस दौरान लोगों का घरों से बाहर निकलना और किसी से मिलना-जुलना सख्त तरीके से बंद है। इस बीच, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें लॉकडाउन की वजह से एक बाप अपने पांच साल के बच्चे के शव को कंधे पर रख अकेले मीलों चलकर श्मशान तक ले गया।





     जानकारी के मुताबिक, मंचाला मनोहर अनंतपुर के गोरंटला कस्बे में बस स्टैंड के पास एक दुकान में काम करते हैं। 10 दिन पहले उनके 5 वर्षीय बेटे देवा को गले में संक्रमण की शिकायत हुई, जिसके बाद मनोहर और उनकी पत्नी रामनम्मा उसे डॉक्टर के पास ले गए लेकिन देवा की तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो गई कि उन्हें गोरंटला के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बाद में बीमारी और बढ़ने पर उसे हिंदपुर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।


नहीं ले जा पाया बड़े अस्‍पताल में बच्‍चे को - मंगलवार को डॉक्टरों ने देवा की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे बेंगलुरु या कुर्नूल के किसी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी लेकिन मनोहर के पास न तो पैसे थे और न ही उसे वहां ले जाने के लिए कोई साधन ही उपलब्ध था। बुधवार को देवा की बीमारी से मौत हो गई। चूंकि मनोहर के पास पैसे खत्म हो गए थे इसलिए शुक्रवार की सुबह वह अपने बच्चे का शव कंधों पर लेकर श्मशान की ओर चल पड़े। उन्होंने चित्रावती नदी के किनारे अकेले ही अपने बच्चे का अंतिम संस्कार किया।