बीमार बेटे को पालकी से लेकर लुधियाना से मध्य प्रदेश के लिए निकल पड़े पैदल, कानपुर में मिली मदद

     कानपुर के चकेरी में रामदेवी हाईवे पर शुक्रवार शाम चरपाई नुमा पालकी देखकर एकबारगी लोग हैरत में पड़ गए। पसीने से तर-बतर लोग चारपाई पर एक बीमार युवा को लेकर जा रहे थे। पूछने पर उन्होंने जो पीड़ा बताई उसे सुनकर सबका कलेजा कांप गया। इनके कुनबे में शामिल 18 लोगों ने बारी-बारी से पालकी को सहारा दिया जिससे लुधियाना से यहां तक का मुश्किल भरा सफर आसानी से कट गया। यह नजारा देख चकेरी थाना प्रभारी ने उनकी मदद की और वाहन से आगे जाने की व्यवस्था की।



     मध्य प्रदेश के सिगरौली जिले के निवासी राजकुमार लुधियाना में मजदूरी करते थे और वहीं अपने परिवार के साथ रहते थे। काम धंधे बंद होने पर उनके साथ परिवार और गांव के 18 लोगों ने घर वापसी का फैसला कर लिया। कुनबे में राजकुमार का 15 वर्षीय बेटा बृजेश बीमार था। इसे कैसे लाया जाए इसपर मंथन के बाद उन्होंने चारपाई से एक पालकी बनाई। इसमें गर्दन में चोट होने से घायल बेटे को लेटाया और निकल पड़े अपने घर की ओर ।


     राजकुमार ने अनुसार परिवार और गांव वालों ने मिलाकर बारी-बारी से पालकी उठाई। सबकी मदद से हम लोग आज कानपुर पहुंच गए। शुक्रवार शाम को रामादेवी हाईवे पर परिवार को इस तरह बच्चे को ले जाते हुए देखकर चकेरी थाना प्रभारी रामकुमार गुप्ता ने उन्हें रोककर बातचीत की। सफर में उन्होंने करीब 50 किमी. तक का ही सफर वाहन से तय किया होगा क्योंकि अधिकतर वाहन चारपाई की वजह से ले जाने के लिए राजी नहीं हो रहे थे। इसके बाद रामकुमार सभी के खान-पानी की व्यवस्था की और उन्हें वाहन में बैठाकर घर पर भेजा।