नेपाल: नक्शे का विरोध करने वाली सरिता गिरी को पार्टी ने निकाला, सांसद पद भी छीना

     भारतीय इलाकों कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल के नए नक्शे में शामिल करने के कदम का विरोध करने और सच बोलने की सजा सांसद सरिता गिरी को दे दी गई है। उन्हें समाजबादी पार्टी से निकाले जाने के साथ ही सांसद के पद से भी हटा दिया गया है। सरिता गिरी का कसूर यह था कि उन्होंने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार से संविधान संशोधन का आधार पूछ लिया था।



     नेपाली मीडिया कांतिपुर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय संसद के सचिवालय ने घोषणा की है कि समाजबादी पार्टी की सांसद सरिता गिरि की सीट खाली हो गई है। संसद महासचिव भरत राज गौतम ने बताया कि पार्टी की ओर से सरिता गिरी को पार्टी से निकाले जाने की सूचना दी गई थी, इसके बाद नियमानुसार उन्हें सांसद पद से हटा दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 89 के अनुसार, गिरी को संसद से निष्कासित कर दिया गया है।


     समाजबादी पार्टी ने उन्हें यह कहते हुए निष्कासित किया है कि उन्होंने पार्टी के व्हिप का पालन नहीं किया। नए नक्शे का विरोध करने पर सरिता नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के साथ ही अपनी पार्टी के भी निशाने पर आ गई थीं। सरिता गिरी को कई बार धमकी दी गई, उनके घर पर हमला तक किया गया।