भाजपा है तो भरोसा है - हर चुनाव में नया जुमला परोसा है

द्वारा - रवि आनंद (वरिष्ठ पत्रकार) पटना  


      अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के पवन खेड़ा (राष्ट्रीय प्रवक्ता) रोहन गुप्ता (सोशल मीडिया चेयरमैन) एवं अभय दुबे (राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक) ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता की.  


     पटना (बिहार). आज प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के चेहरे पर नीतीश बाबू की थकान दिखाई दे रही थी और नीतीश बाबू के चेहरे पर मोदी जी की थकान दिख रही थी। जाहिर सी बात है मोदीजी हर राज्य में जाकर आखिर कितने जुमले परोस पाएंगे, वहीं नीतीश बाबू एक ही राज्य में कितनी बार झूठ एवं वादाखिलाफी करेंगे। आज न तो तालियों की गड़गड़हट थी और न भीड़ और न मोदीजी एवं नीतीश जी के लिए कोई चाहत थी। ये आने वाले बदलाव की पहली आहट थी।


     हमें उम्मीद थी कि ज्ञान एवं मोक्ष की इस पावन भूमि बिहार में बिहारवासियों से माफ़ी मांगेंगे। पिछले 5 सालों में जो लगातार बिहार की जनता के साथ धोखा किया, बिहार के मजदूरों के साथ जो बर्ताव किया, बिहार के नौजवान का जो हश्र किया, बिहार के किसान के साथ जो गद्दारी की और यहाँ तक कि बिहार के वीर जवान के साथ विश्वासघात किया- आज मोदीजी को हाथ जोड़कर एक-एक बिहारवासी से माफ़ी मांगनी चाहिए थी। लेकिन अहंकार के घोड़े पर सवार मोदीजी जहाँ जाते हैं, झूठ का सहारा लेकर तालियां बटोरने की हिम्मत दिखाते हैं।


नंबर 1 - कहते हैं, 'कोरोना महामारी को लेकर काफी चुस्ती से फैसला लिया गया, जिसके चलते कोरोना नियंत्रित हुआ।'


     जबकि सच इससे अलग है - लॉकडाउन के दौरान नितीश सरकार ने कोटा में पढ़ रहे छात्रों को घर लाने के लिए कुछ नहीं किया, हाँ सत्तारूढ़ दल के विधायक को अपने बेटे को घर लाने के लिए पास जारी करने में जरूर चुस्ती नजर आई थी। NMCH अस्पताल की खबरें लगातार आप सबने देखी। किस तरह लाशों के बीच कोरोना के मरीजों को रखा गया था। आज भी कोरोना की जांच या मरीजों की देखभाल करने वाले डॉक्टर्स के पाए समुचित व्यवस्था नहीं है।


नंबर 2 - गलवान घाटी में शहीद हुए बिहार के वीर सपूतों का मोदी जी ने जिक्र किया.


     बिहार के सपूतों का असली सम्मान तो तब हो जब मोदीजी चीन से भारत की 1200 किलोमीटर जमीन वापस लें; चीन को भारत भूमि से खदेड़ दें; चीन को क्लीन चिट देकर तो मोदीजी ने बिहार के, भारत माता के उन 20 बहादुर शहीद सपूतों का अपमान ही किया है। पीएम केयर्स फण्ड में चीनी कंपनियों से करोड़ों चंदा स्वीकार कर मोदी जी ने देश के प्रति खुद की निष्ठा और हमारे शहीद जवानों के बलिदान का मजाक उड़ाया है।


नंबर 3 - कोरोना काल में मोदीजी ने मुफ्त राशन की बात कही और त्यौहारों को बेहतर ढंग से मनाने की बात कही।  मोदीजी का वो हाल है कि- सीने पर रखकर तलवार, वो अपना गुनाह पूछते हैं.


     पहले तो लॉकडाउन के जरिए बिहार के भाई-बहनों से, मजदूरों से रोजगार छीन लिया और अब उत्सव मनाने की बातें कर रहे हैं। इस कोरोना संकट में बिहार के प्रवासी भाई-बहनों को, मजदूरों को जिस तरह दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी; सड़कों पर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलना पड़ा और उसके बाद भी मोदीजी का मानना है कि वो बेहतर ढंग से त्यौहार मनाएंगे- त्यौहार तो वो तब मनाएंगे जब इस कोरोना रूपी दानव से मुक्ति मिलेगी।


नंबर 4 - सरकारी नौकरी में घोटाला.


     आज की रैली में मोदी जी सरकारी नौकरियों में होने वाली भर्ती घोटाले का जिक्र कर रहे थे और सही मायनों में घोटालों का जिक्र जरूरी था। पिछले कुछ वर्षों में जितनी भी सरकारी नौकरी में भर्ती हुई है, उन सभी में जमकर घोटाला हुआ है। बीपीएससी परीक्षा घोटाला, दरोगा भर्ती घोटाला और एसएससी इंटर स्तरीय परीक्षा को तो धांधली की वजह से निरस्त कर दुबारा कराने की नौबत आ गई। 2014 में शुरू हुई यह प्रतियोगी परीक्षा आज तक पूरी नहीं हो पाई है। बिहार में होने वाली सरकारी नियुक्ति परीक्षा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और सत्ता पक्ष में बैठे लोगों के लिए मलाई खाने का अभिप्राय बन चुका है।


 नंबर 5 - चौसा पावर प्रोजेक्ट.


     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले विधानसभा चुनावों में जब बक्सर में रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्होंने चौसा में पॉवर प्रोजेक्ट का एलान किया था। आज की रैली में वह इसे फिर से दुहरा रहे थे। एनडीए की इस तथाकथित डबल इंजन सरकार ने इस कार्यकाल में चौसा पॉवर प्रोजेक्ट के लिए क्या किया है ?


नंबर 6 - वो कहते हैं, "बेईमानी करने वालों को अब सौ बार सोचना पड़ता है"


     मोदी जी ने जब अपनी रैली में यह बात कही, तब नीतीश कुमार और सुशील मोदी सहित पूरा मंत्रिमंडल मन ही मन मुस्कुराया तो जरूर होगा। बिहार में एनडीए का शासनकाल एक के बाद एक बड़े घोटालों के लिए याद रखा जाएगा। सृजन घोटाला, टॉपर घोटाला, शौचालय घोटाला, नल जल घोटाला,  निश्चय घोटाला, पेपर लीक घोटाला और बीपीएससी घोटाले कुछ ऐसे बड़े घोटाले हैं जिनके कुप्रभाव से हर बिहारी किसी न किसी तरह प्रभावित और प्रताड़ित जरूर हुआ है।


नंबर 7 - हास्यास्पद कहिए या संवेदनहीन कहिए या आत्मुग्धता में चूर कहिए, लेकिन आज मोदीजी ने कहा कि उनकी सरकार ने दलितों के उद्धार को लेकर काम किया है।


     ज्यादा पीछे जाने की जरूरत ही कहाँ है- हाथरस की घटना आप सबके सामने है। उस दलित बेटी को न्याय देना तो दूर मोदी जी की यूपी सरकार उस बेटी के न्याय में बाधा बनकर खड़ी हो गई और न्याय की आवाज उठाने जा रहे हमारे नेता राहुल जी और प्रियंका जी के साथ बदसलूकी की। अब तो झूठ भी मोदीजी के मुंह से शर्माने लगा है, लेकिन मोदीजी झूठ बोलना छोड़ नहीं रहे। खैर बिहार की जनता बहुत समझदार है- यहां न झूठ चलेगा और न जुमले बिकेंगे.


     वैक्सीन से बिहार का वोट खरीदने का दुस्साहस करने वालों को बिहार के स्वाभिमान का अनुमान ही नहीं है। बिहार इनको अपने स्वाभिमान के तेवर भी दिखाएगा और पिछले 15 साल का हिसाब भी चुकता करेगा। हैरानी की बात है कि जिन लोगों ने पलायन करते मजदूरों की रेल टिकट तक को ब्लैक में बेचा, वो मुफ्त वैक्सीन की बात कर रहे हैं।