'गुपकार समझौते' ने कश्मीर में बढ़ाई सियासी हलचल, BJP आज करेगी बैठक

     राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के रिहा होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. गुरुवार को राज्य के कई राजनीतिक दलों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें एक नया गठबंधन बनकर उभरा. गुरुवार को हुई बैठक में जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने 'गुपकार समझौते' पर चर्चा की. इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी समेत अन्य चार पार्टियों के नेता शामिल हुए. ये बैठक नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला द्वारा बुलाई गई थी. फारूक अब्दुल्ला के घर पर हुई यह बैठक करीब दो घंटे चली. वहीं इस मामले में बीजेपी आज बैठक करेगी. महबूबा मुफ्ती आज प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकती हैं. 



     गुपकार बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियां, जो गुपकार समझौता की हस्ताक्षरकर्ता हैं, ने एक गठबंधन बनाया है और इसे पीपुल्स अलायंस का नाम दिया है. बता दें कि गुपकार समझौते में इन राजनीतिक दलों ने जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति के साथ छेड़छाड़ की अनुमति नहीं देने की कसम खाई थी. इस नए गठबंधन में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के अलावा पीसी, सीपीआई (एम), एएनसी और जेकेपीएम भी शामिल हैं.


     गुपकार बैठक में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम महबूबा मुफ्ती को 14 महीने बाद हुई उनकी रिहाई के लिए बधाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. हमने इस गठबंधन को गुपकार समझौता कहने का फैसला किया है. हम भारत सरकार से राज्य के लोगों का अधिकार वापस मांगते हैं. जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक मुद्दे को हल करने की जरूरत है. हम सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग करते हैं. हम फिर से मिलेंगे और एक रणनीति तैयार करेंगे.