हाथरस प्रकरण : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया डीएम को तलब
 उत्तर प्रदेश संवाददाता (राहुल वैश्य)

 

     इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को हाथरस डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को तलब किया. कोर्ट ने डीएम से पूछा कि हाथरस प्रकरण में पीड़िता के शव का आधी रात में अँतिम संस्कार क्यों किया गया? जिसके प्रतिउत्तर में डीएम ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए पीड़िता के शव का आधी रात में अँतिम संस्कार करना पड़ा.

 

(File Photo - हाथरस प्रकरण को स्वतः संज्ञान में लेकर उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की)

 


 

     इस संबंध में राज्य सरकार का कोई दबाव जिला प्रशासन के ऊपर नही था। इसके बाद कोर्ट ने मृतक पीड़िता के पक्षजनों को भी सुना. मृतक पीड़िता के पक्ष ने 2 सदस्यीय बेंच को बताया कि पीड़िता के शव का अँतिम संस्कार परिवारजनों की बिना सहमति के हुआ। मामले की अगली सुनवाई 2 नवम्बर को होगी, उस दिन कोर्ट ने एडीजी कानून व्यवस्था और गृह विभाग के किसी भी विशेष सचिव को कोर्ट में मौजूद रहने के भी निर्देश दिए हैं. अगली सुनवाई में पीड़िता पक्ष के आरोपों पर बहस होगी। गौरतलब है कि इस प्रकरण को कोर्ट ने स्वतः संज्ञान में लिया है. इस प्रकरण के संबंध एक सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी 15 अक्टूबर को होनी है।



     उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की संस्था वैज्ञानिक एवं औधोगिक अनुसंधान परिषद को उत्तर प्रदेश सरकार का नॉलेज पार्टनर बनने के लिए MOU करने की अनुमति प्रदान कर दी। वैज्ञानिक एवं औधोगिक अनुसंधान परिषद, उत्तर प्रदेश में अवस्थापना, जल स्त्रोत सँरक्षण, कृषि, स्वास्थ सुरक्षा, रक्षा तकनीक आदि क्षेत्रों में विकास हेतु प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग प्रदान करेगा।

 

     वही प्रदेश में सोमवार को चिकित्सकीय उपचार के लिए ई-संजीवनी पोर्टल शुरू किया गया है। इस ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से चिकित्सकों से वीडियो काॅलिंग द्वारा सलाह ली जा सकती है. यह जानकारी ACS, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा दी गई।