" काला चिठ्ठा " जारी करे एनडीए - चित्तरंजन

द्वारा - रवि आनंद (वरिष्ठ पत्रकार) पटना


     पटना - उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा महागठवंधन से श्वेत पत्र जारी करने की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने एनडीए से उसके कार्यकाल में हुए काले कारनामों का " काला चिठ्ठा " खोलने की मांग की है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि अब तक तो किसी विषय पर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग विपक्ष द्वारा की जाती रही है। पर बिहार सरकार को तो हर मामले में उलटा चलने की आदत पड़ गई है। इसलिए सत्ता में बैठे एनडीए को अपने कार्यकाल में किये गए काले कारनामों का " काला चिठ्ठा " बिहार की जनता के सामने खोलना चाहिए।



     राजद नेता ने उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से भागलपुर के सृजन घोटाला, मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड, लाॅकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटे छात्रों और मेहनतकशों के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार एवं बाढ त्रासदी के दौरान सरकारी उदासीनता सहित पांच वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से राज्य सरकार पर लगाये गये पचपन ( 55 ) घोटालों के साथ हीं  लगभग एक दर्जन अन्य घोटालों की असलियत अपने " काला चिठ्ठा " के माध्यम से बिहार की जनता को बताना चाहिए। 
     राजद प्रवक्ता ने कहा कि सुशील कुमार मोदी जी को अपने " काला चिठ्ठा " में बताना चाहिए कि पांच साल पूर्व प्रधानमंत्री  द्वारा घोषित  एक लाख पैंसठ हजार करोड़ रुपए के विशेष पैकेज का क्या हुआ ? प्रधानमंत्री द्वारा  पढाई, कमाई और दवाई पर विशेष जोर दिया गया था जो तीनों आज बदत्तर स्थिति को पहुंच गई है. काला चिठ्ठा में इसका भी उल्लेख होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने राज्य के मुखिया के डीएनए पर भी सवाल खड़ा किया था. सुशील कुमार मोदी को अपने काला चिठ्ठा के माध्यम से  डीएनए टेस्ट का रिपोर्ट भी सार्वजनिक करना चाहिए।  
     एनडीए को अपने " काला चिठ्ठा " में उस काले कारनामें को विस्तार से उल्लेख होना चाहिए कि कैसे बिहार के मतदाताओं द्वारा दिये गये जनादेश का आधी रात में  अपहरण कर उसी दल के गोद में बैठकर सरकार बना लिया गया जिसके विरोध में जनादेश मिला था।