कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल, लगाई फटकार - संयुक्त अभिभावक समिति (राजस्थान)

 जयपुर। संयुक्त अभिभावक समिति (राजस्थान) के  प्रवक्ता & मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि स्कूल फीस मामला, बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ में To Be Mentioned कैटेगरी में मामला सूचीबद्ध था.जिस पर आज  सुनवाई हुई. इस सम्बन्ध मेँ कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल और फटकार भी लगाई। 



     माननीय मुख्य न्यायाधिपति इंद्रजीत महंती एवं न्यायाधिपति सतीश शर्मा की खंड़पीठ के समक्ष बुधवार को प्रथम स्थान पर सूचीबद्ध मामला था. अधिवक्ता सुनील समदड़िया, राज्य सरकार और अन्य अभिभावकों की याचिकाओ पर संयुक्त रूप से सुनवाई हुई. संयुक्त अभिभावक समिति (राजस्थान)  की ओर से अधिवक्ता अमित छंगाणी सुनवाई में शामिल हुए.


     अधिवक्ता अमित छंगाणी ने जानकारी दी कि बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए पिछले 6 महीनों से चल रही कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किये। साथ ही माननीय कोर्ट ने कहा कि स्कूल फीस मुद्दे पर राज्य सरकार ने अब तक कोई ठोस फैसला क्यो नही लिया और जब स्कूल खुलेंगे तो उस समय फीस का डिटरमिनेशन क्या होगा? पेंडेमिक के कारण जो स्कूल बंद रहे हैं, उस समय स्कूल कितनी फीस चार्ज कर सकते है? 


     इसके बारे में राज्य सरकार जरिए एफिडेविट अपना खाका सोमवार 19 अक्टूबर तक पेश करें और इस मामले पर मंगलवार 20 अक्टूबर को सुनवाई होगी, तब तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा। साथ ही साथ माननीय खंडपीठ द्वारा राज्य सरकार को यह भी कहा कि डेफर्मेंट कोई सलूशन नहीं है. फीस के मुद्दे को रिवॉल्यूशन के तौर पर ले और ऐसा निर्णय पारित करें जिससे सभी पक्षकारों को राहत मिले।