उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने जेपी के सिद्धांतों को बेचकर सत्ता को पाया - राजेश राठौड़

द्वारा - रवि आनंद (वरिष्ठ पत्रकार) 


     पटना - लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने वाले भाजपा नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने जेपी के सिद्धांतों को बेचकर सत्ता पाया है। उनके निधन पर जो जेपी के चेले उनको कंधा देने तक नहीं पहुंचे उनके सिद्धांतों की दुहाई देकर सत्ता में बने रहने का प्रयास कर रहें हैं। 



     कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने ये बातें सुशील मोदी द्वारा दिये गए इस बयान के खिलाफ बोली है जिसमें उन्होंने लालू यादव पर कटाक्ष किया था कि वें सत्ता के लिए जेपी के सिद्धांतों का समझौता करके कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है। जेपी के जिस सिद्धांत की दुहाई सुशील मोदी दे रहें हैं आज उनकी ही सरकार में नौजवान और किसान सबसे ज्यादा व्यवस्था के खिलाफ त्रस्त हैं।


     जेपी कांग्रेस के सिद्धांतों समाजवाद और लोकतंत्र में भरोसा रखते थे और उन्होंने कभी भी आरएसएस और भाजपा के विचारों का समर्थन नहीं किया था। अब सुशील मोदी को युवाओं के  सत्ता के खिलाफ बने माहौल का भान हो गया है। इसीलिए जेपी के जीवन संघर्ष को समझे बगैर सुशील मोदी द्वारा बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी से तो भाजपा के ही कार्यकर्ता नाखुश चल रहें हैं. इसीलिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के नजर में बनें रहने के लिए वें बेतुके बयान देते रहते हैं।