प्रेम ही आतंकवाद का अंत लेकिन धोखा, गद्दारी आतंकवाद की जड़ - अजीत सिन्हा

     मुल्क में पैदा हुये आतंकवाद राष्ट्र के साथ गद्दारी का प्रतीक है, चाहे वह पाकिस्तान या चीन प्रायोजित हो या राष्ट्र के गद्दारों (जयचंदों) के द्वारा प्रायोजित। आज हिंदुस्तान ही नहीं अपितु पूरे विश्व मे किसी न किसी रूप में दिखाई दे रहा है और इसके पीछे केवल आर्थिक - सामाजिक कारण ही नहीं अपितु राष्ट्र प्रेम और विश्व प्रेम में कमी भी है और अपने - अपने मुल्क की स्वार्थवाद और विस्तारीकरण की नीति भी.

     आज भारत, फ्रांस समेत कमोबेश सभी मुल्क इस्लामिक आतंकवाद से ग्रसित है और इसके पीछे मेरी समझ से Islamization of world का सपना देखने वाले ही जिम्मेवार हैं क्योंकि उनके लिए कौम पहले है मुल्क और विश्व पीछे। इसलिए वे विश्व के इस्लामीकरण हेतु अपना ऐजेंडा, प्रोपेगेंडा और आतंकी फैक्ट्री को चला रहे हैं। अपने मुल्क भारत में भी कई रूपों में 'जेहाद' को परोस रहे हैं ताकि उनकी जनशक्ति अधिक से अधिक बढ़े और पूरे विश्व में इस्लाम के  झंडे को फहरा सके लेकिन उन्हें पता नहीं कि उनके मंसूबों पर पानी फिरने वाला है क्योंकि उनके मंसूबों को केवल भारत की सरकार ही नहीं अपितु यहां के नागरिक भी भली - भाँति जान चुके हैं. विश्व के अन्य देश भी और इस हेतु फ्रांस और भारत सहित अन्य देश भी अपनी - अपनी नीतियों पर काम कर रहे हैं ताकि आतंकवाद का जड़ से समूल नाश हो.

     मुझे पता है कि हिंसा की जवाब हिंसा से देने की नीति भारत की नहीं है लेकिन इतने धोखे खा चुके हैं कि यह देश गाँधी की नीति पर काम नहीं कर सकता कि एक गाल पर कोई चाटा मारे तो दूसरी गाल बढ़ा दो. ब्लकि यह नया भारत है जो अपनी सुरक्षा करना खुद जानता है और जैसे को तैसे में जवाब देना भी।  इसलिये भारत की मातृभूमि से जो प्यार करते हैं और यहां की मिट्टी को अपने ललाट से लगाकर देश की भलाई हेतु अच्छी नीयत रखते हैं उन्हें डरने की जरूरत नहीं। लेकिन गद्दारों, देशद्रोहियों, जयचंदों को अवश्य डरने की जरूरत है क्योंकि यहां के लोग उनकी नीयत को समझ चुके हैं. इसलिये मैं वैसे सभी लोगों से अब भी प्रेम की उम्मीद रखता हूं ताकि वे अपना रास्ता बदलते हुये देश के लिए जीने - मरने की कसमें खायें क्योंकि राष्ट्र व मुल्क से बड़ा कोई भी नहीं।

     उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि 'प्रेम' में बहुत ही शक्ति होती है जिससे आप सभी के दिलों के साथ - साथ मुल्क क्या पूरे विश्व में राज कर सकते हैं ना कि आतंक के सहारे। इसलिये मैं सभी आतंकवादियो से अपील करता हूं कि अपने गलत रास्तों को छोड़कर मेन स्ट्रीम में शामिल हो और भारत की तरक्की में ज़ी जान से लग जाये क्योंकि जब मुल्क सुखी होगा तो विश्व में भी खुशहाली आयेगी और तभी भारत सर्व धर्म समभाव और वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव के साथ पुनः सोने की चिड़िया बनेगा - जय हिंद !