कोरोना लॉकडाउन के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले - नहीं पहुंच सके श्रद्धालु

     कोरोना लॉकडाउन के बीच विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को अक्षय तृतिया के मौके पर वैदिक मंत्रोच्चारण व पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के कपाट 12:35 व यमुनोत्री के कपाट ठीक दोपहर 12:41 पर खोले गए। दोनो धामों के कपाट खुलने के बाद आगामी छह माह तक श्रद्धालु धामों में मां गंगा व यमुना के दर्शनों के भागी बन सकेंगे। हालांकि आज के खास मौके पर लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु नहीं पहुंच सके।



     रविवार सुबह सात बजे मां गंगा की डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री के लिए रवाना हुई और ठीक साढ़े आठ बजे गंगोत्री धाम पहुंची। जहां तीर्थ पुरोहितों ने रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 12:35 पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये गए। इस मौके पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल,सह सचिव राजेश समेवाल सहित तीर्थ पुरोहित एवं परगना मजिस्ट्रेट भटवाड़ी देवेन्द्र  सिंह नेगी, पुलिस उपाधीक्षक कमल सिंह पंवार एवं सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे।


   वहीं दूसरी ओर मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से शनिदेव महाराज की अगुवाई मे 8:05 पर यमुनोत्री धाम को रवाना हुई, जो 11 बजे यमुनोत्री धाम पहुंची। जहां हवन, पूजा के बाद वैदिक मंत्रोचार के साथ 12:41 पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस अवसर पर एसडीएम सोहन सिंह सैनी, पुलिस उपाधीक्षक अनुज आर्य, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल, जगमोहन उनियाल, श्याम सुंदर उनियाल, बागेश्वर उनियाल आदि मौजूद रहे।


   इस बार कोरोना वायरस की माहमारी के कारण देश में लगे लॉकउन के चलते यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के मौके पर प्रशासन द्वारा 21 लोगों की ही जाने की अनुमति दी गई थी। सभी ने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा। कोरोना वायरस की माहमारी के कारण देश में 3 मई तक लॉकडाउन लगा है। इस कारण देश-विदेश के श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के इस मौके पर यमुनोत्री धाम नही पहुंच सके।


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