विधुत निगमों के अभियन्ताओं व कर्मचारियों के वेतन कटौति के विरोध में काली पट्टी बाँधकर विरोध प्रदर्शन

     पृथ्वीराज गुर्जर (प्रदेश अध्यक्ष) राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन ने कहा कि कोरोना की वजह से विधुत निगमों के अभियन्ताओं व कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह कटौति किये जाने के फैसले के विरूद्ध एवं मार्च 2020 का स्थगित वेतन अब तक नहीं दिये जाने के विरोध में दिनांक 09.09.2020 को संपूर्ण राज्य में जिला व उपखण्ड स्तर पर अभियन्ताओं व कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बाँधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 



     उन्होंने कहा कि देशभर में कोरोना महामारी के चलते हुये अतिआवश्यक सेवाओं के बिजली विभाग RVUNL, RVPNL, JVVNL, AVVNL & JVVNL के अभियन्ता व कर्मचारी भी पुलिस विभाग व चिकित्सा विभाग के समान ही विधुत कर्मचारी भी 24x7 अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे तथा जनता को सुचारू रूप से बिजली पहुँचाने हेतु अपनी सेवायें 24x7 लगातार दी हैं। बिजली विभाग की सेवायें भी अत्यावश्यक सेवाओं में आती है।


     विधुत निगमों के अभियन्ता व कर्मचारी मास्क व सेनेटाईडर की अनुपलब्धता के कारण मास्क व सेनेटाईडर के बिना भी विधुत उत्पादन केन्द्रों, विधुत प्रसारण केन्द्रों, विधुत वितरण केन्द्रों पर ड्यूटी 24x7 घंटे कर रहे हैं और उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर कर के विधुत की व्यवस्था को 24x7 घंटे सुचारू बनाये हुये है. अतः विधुत निगमों के अभियन्ता व कर्मचारियों को प्रतिमाह पूर्ण वेतन दिया जाये। हमारी वेतन कटौति ना करने एवम माह मार्च 2020 का स्थगित वेतन भी दिया जाये।


     उन्होंने मांग की हे कि हमे भी चिकित्सा व पुलिस विभाग के समान ही वेतन कटौति के फैसले से अलग रखा जाये। राज्य सरकार व विधुत निगमों के प्रबन्धन से आग्रह है कि उक्त वेतन कटौति फैसले को संशोधित कर विधुत अभियन्ता व कर्मचारीयों को अत्यावश्यक सेवाओं में लेते हुये पुलिस व चिकित्सा विभाग के समान ही प्रतिमाह पूर्ण वेतन के आदेश करवाने की कृपा करें, साथ ही विधत विभाग के कर्मचारियों का आत्म सम्मान पुनः लौटाने का कष्ट करें। विधुत निगमों के अभियन्ता व तकनीकी कर्मचारी प्रतिमाह वेतन कटौति आदेश के विरोध में दिनांक 09.09.2020 को तहसिल व जिला मुख्यालय पर काली पट्टी बाँधकर विरोध दर्ज करायेंगे।