करवा चौथ : रात में लगभग 8:24 बजे दिखाई देगा चाँद, पूजा का शुभ मुहूर्त

     कार्तिक कृष्ण पक्ष में नवरात्रि और शरद पूर्णिमा के बाद आने वाले व्रतों में करवा चौथ का व्रत प्रमुख हैं। करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती है। यानी दिन भर बिना पानी पिए व्रत रखती हैं। भारतीय संस्कृति में करवा चौथ के व्रत को एक प्रमुख स्थान दिया गया है।



     इस दिन महिलाओं द्वारा पौराणिक रीति रिवाज के साथ उपवास किया जाता है। कहीं-कहीं करवा चौथ सुबह सर्योदय से पहले सरगी खाने की भी परंपरा है। सरगी सुबह सवेरे खा ली जाती है। इसके बाद व्रत की कथा पढ़ी जाती है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।


      पं शर्मा ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि को पड़ने वाला संकष्ठी श्री गणेश करक चतुर्थी व्रत ,जिसे करवा चौथ व्रत भी कहा जाता है। इस वर्ष 4 नवम्बर 2020 बुधवार को करवा चौथ मनाई जाएगी। पति की दीर्घायुष्य, यश-कीर्ति और सौभाग्य वृद्धि के निम्मित किया जाने वाला यह प्रसिद्ध व्रत 4 नवंबर दिन बुधवार को रहेंगा।


     चंद्रोदय समय रात में लगभग 8:24 बजे होगा। इसके बाद नंगी आंखों से चंद्रमा दिखाई पड़ने पर अर्घ्य देकर परम्परागत तरीके से इस व्रत पर्व को मनाया जाता है। 4 नवंबर को शाम 05 बजकर 15 मिनट से शाम 07 बजकर 43 मिनट तक करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त है।