अभिभावकों की ओर से सूप्रीम कोर्ट में बिना फ़ीस की जाएगी पैरवी। संयुक्त अभिभावक संघ उठाएगा सूप्रीम कोर्ट के वकीलों का खर्च

News fromअभिषेक जैन बिट्टू (प्रदेश प्रवक्ता - संयुक्त अभिभावक संघ)

शहीद स्मारक पर लगाई ‘हेल्प डेस्क’

     जयपुर। स्कूल फीस को सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अभिभावकों असमंजस की स्थिति में आ गए है साथ ही उनकी परेशानीयां भी बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि उनका पूरे साल की फीस देना संभव नहीं है। वह उस सुविधा की फीस क्यो देंगे जिसका उपयोग किया ही नही और जिन अभिभावकों के बच्चों ने ऑनलाइन क्लास का उपयोग किया है वह मात्र 2 से 3 घन्टे किया है, किन्तु बच्चे जब स्कूल जाते थे तब 6 से 7 घन्टे पढ़कर आते थे तब जाकर स्कूल पूरी फीस लेते थे किंतु अब अधूरे समय और अधूरी पढ़ाई की पूरी फीस अभिभावक क्यो देंवे। उसके बावजूद निजी स्कूल संचालक ऐसा व्यवहार कर रहे है जैसे अभिभावक केवल इसी साल बच्चो को स्कूलों में पढ़ाएंगे, भविष्य में कभी इन स्कूलों में जैसे बच्चों को पढ़ाएंगे ही नही। सरकार भी स्कूलों के प्रति ढुलमुल रवैया अपनाए हुए बैठी है, केवल स्कूलों को संरक्षण देने के लिए शिकायतों पर कोई कार्यवाही नही कर रही है। 

     प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि स्कूलों, सरकार और न्यायपालिका के एकतरफा रवैये से प्रदेश का अभिभावक हताश और निराश है। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को सम्बल देने के लिए संयुक्त अभिभावक संघ आगे बढ़कर प्रदेशभर में अभिभावकों की मदद के लिए " हेल्प डेक्स " की शुरुवात की है। इस हेल्प डेक्स के माध्यम से अब प्रदेश का अभिभावक स्वयं की लड़ाई अब खुद लड़ेगा, ना किसी से राहत मांगेगा, ना किसी से भीख मांगेगा।

     प्रदेश कोषाध्यक्ष सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ ने प्रदेश के सभी अभिभावकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखने का दायित्व उठाया है। संयुक्त अभिभावक संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कोरोना काल में आर्थिक समस्याओं से संघर्षरत अभिभावकों के आर्थिक हालातों को देखते हुए अपने निजी एवं व्यक्तिगत स्रोतों से व्यवस्था कर प्रदेश के हर अभिभावक का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने दाखिल करने का फैसला लिया है। अभिभावकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखने के लिए संघ सीनियर एडवोकेट की सेवाएँ लेने की तैयारी कर रहा है।

पैरवी के लिए अधिकार पत्र हस्ताक्षर अभियान शुरू

     संघ विधि मामलात मंत्री एडवोकेट अमित छंगाणी के अनुसार शुक्रवार से जयपुर के शहीद स्मारक, एम.आई रोड़ पर दोपहर 3.15 बजे से संयुक्त अभिभावक संघ में अभिभावकों की मदद के लिए अधिकार पत्र हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। संघ के साथ सम्बद्ध अभिभावक, अभिभावक-शिक्षक असोसीएशन एवं अभिभावकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों का पक्ष जानकर सप्रीम कोर्ट में पैरवी करने के लिए चलाया गया है। फिलहाल जयपुर में चार दिनों का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है जिसमें शुक्रवार और शनिवार शहीद स्मारक, एम.आई रोड़, रविवार गौरव टॉवर, मालवीय नगर, सोमवार को मानसरोवर में यह डेक्स लगाई जाएगी।”

     प्रदेश महामंत्री संजय गोयल ने बताया कि राजधानी जयपुर सहित इस हेल्प डेक्स को पूरे प्रदेश के सभी 33 जिलों में लगाया जाएगा। प्रथम चरण में अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, अलवर, भरतपुर, किशनगढ़, भिवाड़ी, कोटा के कार्यक्रम निर्धारित कर प्रदेश की टीम और जिलों की टीम मिलकर इस अभियान को प्रत्येक अभिभावक तक लेकर जाएंगे। 

    प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान के अभिभावकों को वकीलों की महंगी फीस की चिंता करने की अब आवश्यकता नहीं होगी। संयुक्त अभिभावक संघ से सम्बद्ध हर अभिभावक, अभिभावक शिक्षक समिति की लड़ाई को आगे ले जाने वाले विभिन्न संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बिना कोई फीस के पैरवी की जाएगी।

एसे मिल सकेगी मदद

* अभिभावकों को संघ की ओर से दी गई समय सारिणी के मुताबिक नीयत स्थान पर पहुंच कर अधिकार पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे और मौके पर मौजूद सदस्य को अपनी समस्या और पक्ष की जानकारी देनी होगी।

* अभिभावक - शिक्षक समिति से संबंधित लोगों को अपनी समिति की ओर से वकालतनामा एवं न्यायालय में अपनी ओर से रखा जाने वाला पक्ष के साथ संयुक्त अभिभावक संघ की संबद्धता प्राप्त करने के लिए संबद्धता फॉर्म भरना होगा।

* जो अभिभावक अभिभावकों के आंदोलन से जुडे़ रहे हैं या शिक्षा पर काम करने वाली समाज सेवी संगठन हैं तो उन्हें संयुक्त अभिभावक संघ की संबद्धता प्राप्त करने के लिए संबद्धता फॉर्म भर कर देना है।

इनका कहना है - अब अभिभावकों को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए मंहगी फीस की ङ्क्षचता करने की जरूरत नहीं होगी। फीस मुद्दे की लड़ाई को आगे ले जाने के लिए बिना कोई फीस के पैरवी की जाएगी। इसके लिए अभिभावकों को अधिकार पत्र भरना होगा।


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