रामपाल जाट (राष्ट्रीय अध्यक्ष-किसान महापंचायत) ने कृषि मंत्री को पत्र लिखा

 माननीय 

 श्री नरेन्द्र तोमर

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री - भारत सरकार,

नई दिल्ली

विषय:- मूल्य समर्थन योजना अंतर्गत एक दिन में एक किसान से खरीद की मात्रा 25 क्विंटल से बढाकर 40 क्विंटल करने।

सन्दर्भ:- कृषि मंत्रालय, भारत सरकार का पत्र दिनांकित 12 अप्रेल 2022,

मान्यवर,

उक्त संदर्भित विषय में ज्ञापन निम्न प्रकार प्रेषित है:-

1. यह कि कृषि मंत्रालय भारत सरकार की ओर से निदेशक (एमपीएस), न्यूनतम समर्थन मूल्य ने संदर्भित पत्र द्वारा एक दिन में एक किसान से खरीद की मात्रा 25 क्विंटल से बढाकर 40 क्विंटल करने का आदेश पारित किया है, जिसकी प्रति उन्होंने प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन को प्रेषित की है । संदर्भित पत्र में मध्यप्रदेश शासन की ओर से 25 क्विंटल की मात्रा को बढाकर 40 क्विंटल करने के सम्बन्ध में प्रस्ताव भेजने का भी उल्लेख है ।  

2. यह कि चना उत्पादन में वर्ष 2020-21 को समाप्त होने वाले तीन वर्षो में मध्यप्रदेश की भागीदारी 31.7, राजस्थान की 21.3 तथा महाराष्ट्र की 17.6 प्रतिशत है । अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश 6.3, गुजरात 5.7, कर्णाटक 5.5, आंध्र प्रदेश 3.7, छत्तीसगढ़ 2.4, झारखंड 2.3, तेलंगाना 1.7 तथा अन्य में 1.8 प्रतिशत की भागीदारी है । इसके अनुसार तीन राज्य ही चना उत्पादन में महत्ती भूमिका निभा रहे है जिनमे भी मध्यप्रदेश और राजस्थान की भूमिका प्रभावी है । 

3. यह कि राजस्थान में सम्पूर्ण लागत (सी 2) 4117 रुपये प्रति क्विंटल है, जिसका डेढ़ गुणा 6175 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण भारत सरकार की घोषित नीति के अनुसार अपेक्षित था जबकि इस वर्ष चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5230 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है जो अपेक्षित मूल्य से 945 रुपये कम है । 

4. यह कि राजस्थान के अनेक जिलों में किसानो ने अपनी कृषि भूमि पर चना उत्पादन का अनुपात अधिक रखा है, उनके जीवनयापन का चना मुख्य आधार है । अपेक्षित मूल्य प्राप्ति तो दूर की कौड़ी है, कुल उत्पादन में से 25 प्रतिशत से अधिक खरीद नहीं करने जैसे प्रतिबंधो के कारण घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य की सुनिश्चितता भी संदेहों के घेरों में है । एक किसान से एक दिन में अधिकतम मात्रा 25 क्विंटल रहने से तो ‘कंगाली में आटा गीला’ की कहावत चरितार्थ हो रही है ।

5. यह कि वर्ष 2021-22 में राजस्थान में चने का उत्पादन 23,91,892 टन है । इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त नहीं होने से किसानो की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से उनकी क्रय शक्ति घटेगी । इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान में लगाए गए प्रतिबंधो को हटाने के संबंध में 07.04.2022 को भी ज्ञापन सौंपा था, इसके पूर्व भी 2019 से अब तक ज्ञापनों में माध्यम से अनुनय-विनय किया जा रहा है ।

अत: उक्त संदर्भित विषयक ज्ञापन प्रेषित कर प्रार्थना है कि राजस्थान के सन्दर्भ में भी खरीद की मात्रा 25 क्विंटल से बढाकर 40 क्विंटल करने का आदेश प्रदान किया जावें ।  

रामपाल जाट 

(राष्ट्रीय अध्यक्ष-किसान महापंचायत)