बद्रीनाथ धाम को ग्लेशियर से बचाने के होंगे इंतजाम

     बद्रीनाथ के पीछे स्थित ग्लेशियर से धाम को किसी तरह का खतरा तो नहीं है। यह जानने के लिए अध्ययन किया जाए। यदि यह आशंका सही पाई जाती है तो धाम की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। शनिवार को बदरीनाथ का नया मास्टर प्लान तैयार कर रही एजेंसी को पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने यह निर्देश दिए।  



     मास्टर प्लान तैयार कर रही एजेंसी आईएनआई डिजाइन के विशेषज्ञों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान महाराज ने कहा कि मास्टर प्लान में बद्रीनाथ की धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक मान्यताओं का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि धाम की सुरक्षा के लिए पूर्व में बद्रीवन बनाया गया था। लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टडी कर यह पता किया जाए कि ग्लेशियर से धाम को क्या खतरा हो सकता है। स्टडी के आधार पर सुरक्षा उपाय किए जाएं। 
  
रेस्टोरेंट को रात 12 बजे तक खुलने की मिले इजाजत- 
     पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रेस्टोरेंट रात बारह बजे तक खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए। उन्होंने क्वारंटाइन की अवधि तीन दिन करने का भी सुझाव दिया। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बदरीनाथ मास्टर प्लान पर विशेषज्ञों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। उन्होंने कहा, मास्टर प्लान में बदरीनाथ से जुड़ी मान्यताओं, परंपराओं का ध्यान रखा जाए।


     सतपाल महाराजने यह भी बताया कि  बद्रीनाथ धाम की भव्यता को बढ़ाने के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। उसमें किन किन बातों का ध्यान रखा जाए इस बात के निर्देश एजेंसी को दिए गए हैं। इसके साथ ही धाम के पीछे स्थित ग्लेशियर से क्या खतरा हो सकता है इस पर अध्ययन करने को कहा गया ह


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