भागलपुर ट्रिपल आईटी बनाएगा ऑटोमेटिक वेंटिलेटर, जरूरत के अनुसार होगा आक्सीजन डिस्चार्ज

     भागलपुर ट्रिपल आईटी ने कोरोना संक्रमण का पता लगाने से लेकर उपचार की दिशा में काम शुरू कर दिया है। कोरोना सॉफ्टवेयर के बाद मरीजों के लिए ऑटोमेटिक वेंटिलेटर पर भी काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जरूरी उपकरणों का ऑर्डर कंपनियों को भेज दिया गया है। 15 दिनों के अंदर उपकरण कॉलेज को मिल जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने उपकरण आने के तीन से चार माह के अंदर वेंटिलेटर बनाने का दावा किया गया है। उपकरण बनाने के तरीके का भी ट्रिपल आईटी ने पेटेंट करवा लिया है। 



     कोरोना काल में भारत सरकार ने देश में वेंटिलेटर बनाने पर जोर दिया है। साथ ही कोरोना के दौरान ऑटोमेटिक वेंटिलेटर की जरूरत बढ़ी थी। इसको लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी, ट्रिपल आईटी को इस पर काम करने का निर्देश दिया था। 


     भागलपुर ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने कहा कि वेंटिलेटर में मरीजों की जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन की ऑटोमेटिक सप्लाई नहीं होती है। इस वजह से डॉक्टर और पारा मेडिकल कर्मी को परेशानी होती है। कई बार मरीजों की जान भी चली जाती है। इस वेंटिलेटर की खासियत होगी कि यह मरीजों की जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन खुद से सप्लाई करेगा। साथ ही इसकी सूचना डॉक्टर और पेरा मेडिकल कर्मी को मिल जाएगी।


दो विभाग के शिक्षकों ने मिलकर शुरू किया काम - ट्रिपल आईटी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैकेनिकल विभाग के शिक्षक इस पर काम कर रहे हैं। मैकेनिकल विभाग के सहायक प्राध्यापक गौरव कुमार ने कहा कि इसके लिए मेडिकल अस्पताल के आईसीयू में जाकर वेंटिलेटर की जांच की थी। साथ ही देश स्तर पर इस्तेमाल हो रहे वेंटिलेटर का अध्ययन किया गया है। उसी आधार पर नए ऑटोमेटिक वेंटिलेटर पर काम किया जा रहा है।


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