चीन ने LAC पर तैनात किए सेना के दो डिविजन, भारतीय ब्रिगेड ने भी संभाला मोर्चा

     लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर बढ़ते तनाव के बीच चीन ने अपनी तैनाती और बढ़ा दी है. चीन की ओर से सेना के दो डिविजन की तैनाती भारतीय सीमा पर की गई है. जवाब में भारतीय सेना ने भी तैनाती बढ़ाई है. इन सबके बीच भारतीय सेना को लगता है कि दोनों देशों के बीच तनाव अक्टूबर तक जारी रहेगा. चीन के तिब्बत और शिनजियांग प्रांत में मौजूद 10 हजार अतिरिक्त सैनिक बीते दिनों से युद्धाभ्यास कर रहे हैं. एलएसी पर चीन की हर गतिविधि पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर है. सरकार के सूत्रों ने एलएसी पर चीन की ओर से अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की पुष्टि की है.



भारत ने ब्रिगेड जितने जवानों की तैनाती की - इसके साथ ही गलवान घाटी, पेट्रोलिंग प्वाइंट-15, पैंगॉन्ग त्सो और फिंगर एरिया में भारतीय सेना ने तैनाती बढ़ा दी है. चीन से मुकाबले के लिए एक ब्रिगेड जितने जवानों की तैनाती की गई है. इसके साथ भारतीय सेना ने रणनीति प्वाइंट्स पर अपनी तैनाती और बढ़ा दी है और टैंक-हथियार को पहुंचाया जा रहा है.


चीन ने 20 हजार जवानों की तैनाती की - सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि चीन ने सीमा पर 20 हजार जवानों की तैनाती की है. इसके साथ ही चीन ने नॉर्दन शिनजियांग प्रांत में अपने अतिरिक्त डिविजन को भी एलएसी पर लाने का फैसला किया है. चीनी सेना का अतिरिक्त डिविजन 48 घंटे में भारतीय पोजिशन पर पहुंच सकता है.


चीन की हर गतिविधि पर रखी जा रही नजर - सरकार के सूत्रों का कहना है कि हम चीन की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है. एलएसी पर चीनी सैनिकों की बढ़ती तैनाती से शक पैदा हो रहा है कि चीन कहीं कोई चाल तो नहीं चलने वाला है. बातचीत के दौरान चीन ने पीछे हटने का वादा किया था, लेकिन सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ाते जा रहा है.


भारतीय जवानों को दिए जा रहे हैं सभी जरूरी संसाधन - एलएसी पर चीन की तैनाती बढ़ने के बाद भारत ने भी मिरर तैनाती की है. भारतीय सेना के दो अतिरिक्त डिविजन को एलएसी के पास तैनात किया गया है, ताकि चीनी सेना के किसी भी हिमाकत का जवाब दिया जा सकते. इसके साथ ही भारतीय जवानों को सभी संसाधन दिए जा रहे हैं, ताकि वह मौसम के अनुकूल पहरेदारी कर सके.


टैंक और हथियारों को फ्रंट लाइन पर पहुंचाया जा रहा - सूत्रों का कहना है कि चीन की बढ़ती तैनाती के बाद भारतीय सेना ने अतिरिक्त टैंक और सशस्त्र रेजिमेंट को लद्दाख में तैनात करने का फैसला किया, ताकि चीनी सेना को माकूल जवाब दिया जा सके. टैंक और हथियारों को फ्रंट लाइन पर पहुंचाया जा रहा है, जहां भारतीय सैनिक चीनी सेना के आमने-सामने खड़े हैं.


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