ड्यूटी पर तैनात ASI ने बताया आंखों देखा हाल - कोझिकोड विमान हादसा

     कोझिकोड विमान हादसा में अभी तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. 15 से 20 घायलों की हालत गंभीर है, अस्पताल में उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री खुद घटनास्थल का दौरा किया. दुर्घटनास्थल पर रेसक्यू ऑपेशन पूरा हो चुका है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि बारिश और छोटा रनवे होने के चलते विमान  फिसलकर खाई में जा गिरा. इस दुर्घटना के समय एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के ASI अजित सिंह ने बताया कि कैसे ये हादसा हुआ और उसके तुरंत बाद कैसे राहत और बचाव कार्य किया गया.



     एएसआई अजीत सिंह ने बताया 'मैं 7.30 पर तीसरे राउंड के लिए निकला, मैं इमरजेंसी फायर गेट पर पहुंचा, वहां एएसआई मंगल सिंह ड्यूटी पर थे. मैंने उनसे बिल बुक मांगी साइन करने के लिए. फिर मैं उनसे बात करने लगा, तभी मैंने देखा कि ऊपर से एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट डिस्बैलेंस होकर नीचे पैरामीटर रोड की तरफ नीचे गिर रहा है. तभी मैंने तुरंत कंट्रोल रूम को इन्फोर्म किया, तब तक विमान नीचे गिर चुका था.


     हादसे के वक्त एयरपोर्ट ड्यूटी पर तैनात इस जवान ने आगे कहा, 'मैंने शिफ्ट आईसी को कॉल किया, लाइन में कॉल किया, उसके बाद एयरपोर्ट अथोरटी, फायर, हमारी सीआईएसएफ की टीम और लाइन मेंबर्स रेस्क्यू के लिए आ गए. तुरंत हमने गेट नंबर एक को खोला, 25-30 वॉलेंटियर्स अंदर आए. एक जेसीबी अंदर आई, मलबे के नीचे से लोगों को तुरंत निकाला जा रहा था. हम सीआईएसएफ वाले प्लेन के अंदर से पैसेंजर्स को रेस्क्यू कर रहे थे उन्हें बाहर निकाल रहे थे. गेट नंबर एक से ही एंबुलेंस आईं और रेसक्यू करके उन्हें एंबुलेंस में डाला जा रहा था.'