फ्रांस में एक टीचर की हत्या के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई तेज, मस्जिद को किया बंद

     फ्रांस में एक टीचर की हत्या के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. फ्रांस ने मंगलवार को पैरिस के बाहर एक मस्जिद को अस्थायी तौर पर बंद करने के आदेश दिए हैं. पिछले सप्ताह, फ्रांस में सैमुअल पैटी नाम के एक टीचर का सिर काटकर हत्या कर दी गई थी. टीचर ने अपनी क्लास में पैगंबर मोहम्मद से जुड़े एक कार्टून को लेकर चर्चा की थी जिसे लेकर उन्हें निशाना बनाया गया. पैंटिन की जिस ग्रैंड मस्जिद को बंद किया गया है, उसने अपने फेसबुक पेज पर पैटी के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला एक वीडियो शेयर किया था.




     पुलिस ने मस्जिद के बाहर उसे बंद किए जाने का आदेश चिपका दिया है. फ्रांस के अधिकारियों ने वादा किया है कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सिएने-सेंट डेनिस डिपार्टमेंट के हेड की ओर से जारी किए नोटिस में कहा गया है, मस्जिद को 6 महीने के लिए बंद करने के आदेश का सिर्फ एक ही मकसद है- आतंकवादी गतिविधियों को रोकना.





     इतिहास के टीचर पैटी का सिर कलम करने वाले शख्स ने जांच के दौरान बताया कि वो टीचर के खिलाफ ऑनलाइन कैंपेन चला रहे एक समूह के संपर्क में था. फ्रांस में टीचर की क्रूर हत्या के बाद से दर्जनों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, भड़काऊ संदेश देने वाली मस्जिदें बंद की जा रही हैं और हमास समर्थक एक समूह पर बैन को लेकर विचार चल रहा है.

 

     फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो ने पैरिस सबअर्ब विजिट में कहा, हमारे साथी कार्रवाई चाहते हैं. आने वाले वक्त में ऐक्शन और तेज होंगे. मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस में हमास समर्थक समूह को भी टीचर की हत्या में प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर विघटित किया जा सकता है. ये समूह फिलीस्तीन मुद्दे के लिए भी संघर्ष करता रहा है और हमास के संस्थापक चेख यासीन के नाम पर ही इसका नाम रखा गया है. बुधवार की कैबिनेट में इस ग्रुप को खत्म करने का आदेश पारित किया गया है.




     पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 18 साल के हत्यारे ने वॉट्स ऐप पर एक शख्स के साथ बातचीत की थी जो इतिहास के टीचर पैटी को फायर करवाना चाहता था. दरअसल, शख्स की बेटी को पैटी पढ़ाते थे और उसकी बेटी ने ही घर में बताया था कि क्लास में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए गए. इतिहास के टीचर पैटी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बातचीत कर रहे थे और उन्होंने इसी चर्चा के दौरान पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था.


     फ्रांस में साल 2015 के बाद से ही मुस्लिम अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच दरार बढ़ी है. लेकिन टीचर की हत्या के बाद ये खाई और गहरी हो गई है. विश्लेषक फ्रांस की इस घटना को टर्निंग पॉइंट करार दे रहे हैं. टीचर की हत्या से कुछ दिन पहले ही मैक्रों ने इस्लामिक अलगाववाद को लेकर चिंता जाहिर की थी.