BTP की काग्रेंस समर्थन पर पुर्नविचार बैठक शीध्र

News from - भूपेन्द्र औझा

मुख्यमंत्री, काग्रेंस प्रदेशाध्यक्ष खुलासा करे, किसी डीटीपी नेता को पैसा दिया - डा.बैलाराम (डीटीपी प्रदेशाध्यक्ष)

BTP विधायक द्वारा काग्रेंस विधायक मालवीया पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे

     भीलवाड़ा। पूर्व मंत्री एवम बागीदौरा काग्रेंस विधायक महेन्द्र मालवीया के BTP विधायको को दस करोड़ रुपये देने के कथित विडीयों मे आरोप को लेकर BTP संगठन की महत्वपूर्ण बैठक शीध्र होने वाली हैं। उसमे काग्रेंस सरकार को आगे समर्थन जारी रखने या नहीं? मामले में बडा फैसला करने के पुख्ता संकेत हैं। BTP प्रदेशाध्यक्ष डा. बैलाराम गोघरा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, काग्रेंस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने विधायक के बयानों की शीध्र जांच कर बताये कि, किसी डीटीपी नेताओं को काग्रेंस ने पैसा दिया? BTP के सागवाड़ा विधायक राम प्रसाद ने अपने खिलाफ काग्रेंस विधायक मालवीया द्वारा रुपये लेने के आरोप पर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही है। 

     काग्रेंस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से जानकारी प्राप्त करने ओर आगे मसले को गंभीरता से देखने के निर्देश देने की खबर है। मुख्यमंत्री गहलौत द्वारा एआईसी सदस्य पूर्व सांसद रघुवीर मीणा को डीटीपी नेताओं एवम विधायक मालवीया से सम्पर्क साध मसले का हल निकलने को कहने की चर्चा है। लेकिन रविवार शाम तक काग्रेस के किसी आलानेताओ द्वारा डीटीपी विधायकों से कोई बातचीत नहीं होने की पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई है। काग्रेंस विधायक महेन्द्र मालवीया के कथित विडीयों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश के राजनीतिक हल्के में इस मामले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का बाजार गर्म है। डूंगरपुर जिले मे तेजी से काग्रेंस के सिकुड़ रहे जनाधार मे काग्रेंस विधायक मालवीया के कथित आरोप ने काग्रेंस के लिए एक और संकट खडा कर दिया है। 

     BTP प्रदेशाध्यक्ष डा. बैलाराम गोघरा ने डूगरपुर जिले में पंचायत चुनाव की व्यस्तता के बीच हम से खास बातचीत में बताया, सत्ता संघर्ष की संकट की घडी मे हमारी 17 सूत्री मांगों को शीध्र माने की शर्तो पर डीटीपी के दोनों विधायको ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना समर्थन एवम राज्यसभा चुनाव में वोट दिया था।लेकिन अभी तक हमारी एक भी शर्त पूरी नहीं हुई।उल्टा कांकरा डुगरी मामले पर क्षैत्र के काग्रेंस नेताओं के दबाव में डीटीपी के सात हजार कार्यकर्ताओं पर झुठे मुकदमे दर्ज करा दिये गये। डा.बैलाराम ने आरोप लगाया कि उसमें कुछ का तो पहले ही निधन हो गया था। जिसके  बकायदा हमने न्यायालय में सबूत पेश किए हैं। साथ ही काग्रेंस नेता डीटीपी पर पैसा लेने के आरोप लगा रहे। जो कि गंभीर बात एवम हालत है। ऐसे हालातों मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार को डीटीपी का आगे समर्थन जारी रखना कठिन है।

     हम पंचायत चुनाव की समाप्ति के बाद शीध्र संगठन की महत्वपूर्ण अहम: बैठक बुलाकर फैसला करनेवाले है। डीटीपी प्रदेशाध्यक्ष डा.बैलाराम गोघरा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ओर काग्रेंस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मांग की है कि वह अपने काग्रेंस विधायक महेन्द्र सिंह मालवीया के आरोप की शीध्र उच्च जांच कर खुलासा करे कि, किस काग्रेंस नेता ने डीटीपी के किस किस नेता को कितना ओर कब पैसा दिया?उन्होंने साफ खरे शब्दों में कहाँ,  हमने तो कोई पैसा नहीं लिया है। कही हमारे नाम से किसी काग्रेंस नेता ने अपने नेताओं से रुपया लेकर खुद हजम तो नहीं कर लिया? डीटीपी सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद ने विशेष बातचीत में कहां, काग्रेंस विधायक महेन्द्र सिंह मालवीया पर मुख्यमंत्री गहलौत सरकार को गिराने के अभियान में लगने के आरोप लगे थे। 

     अब वह अपने मनसूबे पुरे नहीं होने ओर गहलौत सरकार के रहने से डीटीपी विधायकों पर झुठे आरोप लगा रहे।हम विधायक मालवीया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले हैं। दुसरी ओर भाजपा भी इस मसले पर हमलावर हो कर मुख्यमंत्री गहलौत को कटघरे में खडा करने से नहीं चुक रही। बीते दिन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा.सतीश पुनिया ओर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री पर विधायकों की हाँस ट्रेडिग करने के आरोप पर सवाल खडे किये थे, तो आज रविवार को प्रतिपक्ष नेता गुलाब कटारिया ने भी आरोप लगाया कि, काग्रेंस विधायक महेन्द्र सिंह मालवीया के कथित विडीयों ने बता दिया कि काग्रेंस ने अपनी सरकार को बचाने के लिए क्या किया?