उत्तर प्रदेश के मथुरा में करीब साढे सात माह से बंद पड़े जगदगुरू कृपालु परिषद श्यामा धाम ट्रस्ट द्वारा कलात्मक दृष्टि से बनाया गया प्रेम मंदिर 11 नवंबर से श्रद्धालु भक्तों के लिए नियमित रूप से खुल जायेगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार प्रेम मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालु भक्तों को कोविड-19 के लिये निधार्िरत गाइडलाइन का पालन करना होगा। मन्दिर प्रवेश के दौरान श्रद्धालु भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग कर मशीन से कोविद-19 की जांच होगी और सैनीटाइज करके उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। बिना मुंह पर मास्क के प्रवेश करने के इच्छुक किसी भी भक्त को मन्दिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
मन्दिर के जन संपर्क अधिकारी अजय त्रिपाठी ने बताया कि महान संत कृपालु महराज इस मन्दिर के माध्यम से पूरे विश्व को आपसी प्रेम और सौहार्द्र का संदेश देना चाहते थे इसीलिए उन्होंने इस मन्दिर का नाम प्रेम मन्दिर रखा था। इस मन्दिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हर वर्ग की रूचि का ध्यान रखा गया है जहां मन्दिर में श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं के प्रस्तुतीकरण के माध्यम से धार्मिकता की झांकी प्रस्तुत की गई है।
वहीं मन्दिर की कलात्मकता एवं ठाकुर की लीला से संबधित सामग्री शोध के लिए अच्छा साहित्य बन सकती है। मन्दिर की कलात्मक रंग बिरंगी रोशनी बच्चों से लेकर हर वर्ग के लिए आनन्द की अनुभूति कराता है। इन सभी विशेषताओं के कारण ही लगभग आठ साल के शैशव काल में इसने अपनी ऐसी पहचान बना ली है कि वृन्दावन के प्राचीन मन्दिरों के दर्शन के बावजूद श्रद्धालु इस मन्दिर को देखने के लिए चुम्बक की तरह खिंचा चला आता है।