पिता ने बेटियों की पढ़ाई के लिए खर्चा देने से किया मना

जज के प्रयास से बहनों की मदद के लिए आगे आए वकील

      दिल्ली. बच्चों के जीवन पर माता-पिता से जुड़ी चीजों का प्रभाव काफी पड़ता है. ऐसे में जब दोनों में से एक बच्चों के हाथ छोड़ देता है तो उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण बन जाता है. दिल्ली से एक ऐसे ही खबर सामने आई है. यहां दो बहनों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए दूसरों की मदद पर निर्भर रहना पड़ा. शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की जो सभी के लिए यादगार बन गई. दो बहनें अपनी शिक्षा के लिए संघर्ष कर रही थीं. इनकी पढ़ाई के लिए 10 वकीलों के समूह ने मिलकर 1 लाख से अधिक रूपये जुटाए, जिससे वे अपने सपने पूरे कर सकें. जज ने इन वकीलों के प्रयास की सराहना की.

(सांकेतिक फोटो) 

     इन बहनों की समस्या तब सामने आई जब कोर्ट में इनकी मां ने बताया कि उसके पति ने बेटियों की पढ़ाई के लिए पैसा देने से मना कर दिया है. इस वजह से उनकी बेटियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है. याचिकर्ता और उनकी बेटियां उन वकीलों की मदद से अभिभूत हैं जिन्होंने उनकी वित्तीय मदद की है. वहीं कोर्ट ने इसकी सराहना की है कि बार के सदस्यों ने दो युवा छात्रों की वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने के लिए इतनी मजबूती से प्रयास किया है. साथ ही वकीलों ने आश्वासन दिया है कि आगे भी पैसों की कमी के कारण पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी. न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने आगे कहा कि इस तरह की चीजें और उदाहरण कानूनी पेशे की महानता के बारे में समाज को बताता है. कानूनी पेशे के प्रति लोगों को आश्वस्त करता है.



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