सरकार, प्रशासन और स्कूलों के व्यवहार से अभिभावकों व छात्रों में दहशत

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स्कूलों में केवल बच्चियां ही नही बल्कि सभी छात्र असुरक्षित - संयुक्त अभिभावक संघ

 नैतिकता का पाठ छोड़ आतंक, गुंडागिर्दी का पाठ पढ़ा रहे है स्कूल - अभिषेक जैन बिट्टू

जयपुर। स्कूलों में पनप रही गुंडागिर्दी से ना केवल अभिभावकों के सपने टूट रहे है बल्कि देश का भविष्य भी अंधकार की ओर ले जाया जा रहा है। आज देश का नोजवान जो अपनी पढ़ाई पूरी कर चुका है केवल वही नही बल्कि स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे चोरी, नशे, गुंडागिर्दी की चपेट में लाया जा रहा है।

संयुक्त अभिभावक संघ ने स्कूलों में पनप रही गुंडा गैंग पर कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और स्कूलों का अभिभावकों के प्रति व्यवहार उन्हें दहशत में जीने पर मजबूर कर रहा है। राज्य सरकार को शिक्षा के मंदिरों का सम्मान बरकरार रखने के लिए ठोस कदम उठाने होने, साप्ताहिक स्कूलों की जांच के लिए कमेटी का गठन करना होगा।

प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि राज्य के स्कूलों में अब तक बच्चियां सुरक्षित नही थी किन्तु अब लगता है प्रदेश का कोई भी छात्र स्कूलों में सुरक्षित नही है। गरीब परिवार की बच्चियां अपनी अस्मिता बचाने के लिए स्कूलों में जाने से डरती है तो छात्र नशा, गुंडागिर्दी से बचने के लिए स्कूलों में जाने से डर रहे है। स्कूलों में पनप रही गुंडागिर्दी से राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई है। राज्य सरकार खुद की सरकार को बचाने के लिए बच्चों की भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। आज स्कूलों में नैतिकता के पाठ को छोड़ आतंक और गुंडागिर्दी के पाठ पढ़ाये जा रहे है। जो देश के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे है।

*अभिभावक संघ ने सुझाये स्कूलों में गुंडागिर्दी को रोकने कदम*

संयुक्त अभिभावक संघ प्रदेश विधि मामलात मंत्री एडवोकेट अमित छंगाणी ने राज्यभर के स्कूल और कॉलेजों में पनप रही गुंडागिर्दी के लिए सुझाव सुझाते कहा कि अगर स्कूल और कॉलेजों में सख्ती बरती गई तो ना केवल शिक्षा का सम्मान होगा बल्कि शिक्षा के मंदिरों की पवित्रता भी बची रहेगी। साथ ही देश का भविष्य भी उज्ज्वल होगा।

1) स्कूलों के आस-पास स्थित 500 मीटर के दायरे से गुटके, बीड़ी, सिगरेट सहित सभी नशीले पदार्थो की बिक्री पर रोक लगाई जाए। कानून की पालना नही करने वाले दुकानों को सीज किया जाए।

2) छात्रों, टीचरों, प्रिंसिपल, स्कूल स्टॉफ का मासिक चरित्र प्रमाण पत्र बनाया जाए।

3) राज्य सरकार और प्रशासन शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करें।

4) अभिभावकों से स्कूल और छात्रों की मासिक रिपोर्ट ली जाए।

5) अभिभावकों को भी पाबन्द किया जाए कि वह छात्रों को रुपये, गाड़ी आदि ना दी जाए।

स्कूलों के सामने खुलेआम बिक रहे है गुटके, बीड़ी सिगरेट*

संघ जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा ने बताया कि मानसरोवर के किरण पथ स्थित स्प्रिंगफील्ड स्कूल के सामने और आस-पास मिलाकर 10 दुकाने खुलेआम गुटके, बीड़ी, सिगरेट बेच रहे है जबकि स्कूलों के आस-पास 200 मीटर के दायरे में बेचना कानूनी अपराध है, ऐसे ही टोंक रोड़ स्थित सेंट अगस्त्य पब्लिक स्कूल के सामने बिक रहे है। ऐसे कई छोटे-बड़े स्कूल है जहां खुलेआम नशीले पदार्थ बेचे जा रहे है अगर सरकार और प्रशासन इन पर लगाम लगाए तो छात्रों के भविष्य को बचाया जा सकता है और अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर सख्ती बरतनी चाहिए।

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