पुरानी पेंशन सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों का जयपुर में हल्ला बोल प्रदर्शन

News from - Mukut Bihari

राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिती की मुख्य सचिव से वार्ता विफल 

आक्रोशित कर्मचारियों ने की धरना जारी रखने की घोषणा 

     जयपुर। राजस्थान विद्युत कर्मचारी अधिकारी सयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया।  जिसमे करीब 15 से 20 हजार कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारी नेताओं की मुख्य सचिव से वार्ता हुई, जो विफल रही. जिससे आक्रोशित कार्मिकों ने धरना जारी रखने की घोषणा की। 

     लेकिन इसके बाद प्रमुख सचिव ऊर्जा के दिशा निर्देश अनुसार सीएमडी प्रसारण के साथ  दूसरे दौर की वार्ता हुई. जिसमे पुरानी पेंशन की मांग को इस बजट में शामिल कर पूरा कराने व अन्य मांगो को भी पूरा करने का आश्वासन के बाद देर रात धरना स्थगित किया गया।

     ज्ञापन से पूर्व राजस्थान विद्युत संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2004 के बाद नौकरियों में आए राज्य कर्मचारियों के पेंशन बहाली के आदेश जारी कर दिए परन्तु करीब 10 माह से निरन्तर मांग करने के बावजुद अब तक बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू नहीं की जा रही हैं, जिससे सभी वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों में रोष की स्थिति हैं। इसी के विरोध में आज का यह प्रदर्शन किया गया। लेकिन सरकार और प्रशासन बिजली कर्मचारियों की मांग को अनसुना कर दिया। 


     संघर्ष समिति के पृथ्वीराज गुर्जर ने कहा कि पुरानी पेंशन डिस्काॅम कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी हैं. जिसे कुछ विभागों में देना और कुछ को नहीं, यह न्यायोचित नहीं हैं। बजरंग लाल मीणा ने कहा कि आज जिस तरह से डिस्काॅम के सभी वर्ग एकजुट हुए हैं, वो ऐतिहासिक है, लेकिन सरकार द्वारा मांगो को अनसुना कर रही है जो दुखद है। अमित मल्होत्रा ने कहा कि सरकार और बिजली बोर्ड कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा नहीं ले. धैर्य के जवाब देने पर उग्र आंदोलन को कर्मचारी मजबूर होंगे। 

     इस अवसर पर संघर्ष समिति के केशव व्यास, लिखमाराम चौधरी, पॉवर इंजीनियर एसोसिएशन के हेमन्त मीणा, जयपुर डिस्कॉम इंजीनियर एसोसिएशन के जयप्रकाश शर्मा,  बेजोड़ के मांगीलाल बेंदा, रामकेश मीणा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। ज्ञापन के समय बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।