मेरठ में 2,500 रुपये लेकर दी जा रही थी कोविड-19 टेस्‍ट निगेटिव होने की 'फर्जी' रिपोर्ट, हॉस्पिटल सील..

     ऐसे समय जब कोरोना वायरस की महामारी का प्रकोप देश में बढ़ता ही जा रहा है, यूपी के मेरठ शहर में केवल ढाई हजार रुपए में कोरोना की 'फर्जी' निगेटिव रिपोर्ट (Covid-19 test Report) दी जा रही थी और ये गोरखधंधा ना जाने कब से चल रहा था. इस मामले की वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब जाकर स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी.


     हापुड़ रोड़ के न्यू मेरठ हॉस्पिटल के मैनेजर शाह आलम के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने में FIR दर्ज करा दी है, वहीं सीएमओ डॉ राजकुमार ने हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है. डीएम अनिल ढींगरा के आदेश पर हॉस्पिटल को सील करने की तैयारी की जा रही है. लंबे समय से यह ठगी चल रही थी और कई लोगों से राशि लेकर कोविड-19 निगेटिव होने की रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है.



     हापुड़ रोड तिरंगा गेट के न्यू मेरठ हॉस्पिटल मैनेजर शाह आलम ने एक शख्स से 2500 रुपए लेकर ये दावा किया कि उन्हें कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दी जाएगी. बाकायदा यह रिपोर्ट जिला अस्पताल से बनेगी और कोई भी उस रिपोर्ट पर उंगली नहीं उठा पाएगा क्योंकि वहां की मुहर भी होगी और रिपोर्ट के आधार पर कोई कहीं भी जा सकेगा और उसे क्‍वारंटाइन नहीं होना पड़ेगा. उस शख्स ने इस बातचीत का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.


     यानी इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं और सरकारी के साथ-साथ कई प्राइवेट हॉस्पिटल तक फैलने की भी आशंका जताई जा रही है. स्वास्थ्य महकमे की नींद इस बात ने उड़ा रखी है कि कहीं किसी कोरोना पॉजिटिव को तो निगेटिव रिपोर्ट नहीं थमा दी गई हो और वो खुलेआम घूमकर कोरोना की 'संक्रमण चेन' को और मजबूत कर रहा हो. सीएमओ मेरठ डॉ. राजकुमार ने बताया कि उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ गोपाल सिंह ने न्यू हॉस्पिटल के मालिक शाह आलम के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने मे मुकदमा दर्ज करा दिया है.