कॉल गर्ल अरेस्ट हुई तो थाने में ही आने लगे फोन - 'प्लीज मेरा नाम मत ले लेना'

     बिहार की राजधानी पटना में ऑनलाइन सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में पुलिस ने इंजीनियर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. मामला पटना के किदवईपुरी इलाके की है जहां पुलिस ने पहले जिस्मफरोशी के धंधे में संलिप्त दो लोगों को गिरफ्तार किया और फिर इनकी निशानदेही पर 6 और लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस पूरे सेक्स रैकेट का मास्टरमाइंड एक इंजीनियर है.


     हैरान करने वाली बात यह है कि जिस महिला दलाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया थाने में ही उसके नंबर पर कई फोन आने लगे. महिला के फोन में एक नंबर डॉक्टर बी के नाम से सेव था जो कह रहा था कि प्लीज मेरा नाम मत बताना. महिला के फोन में ऐसे कई नंबर मिले जो कोड वर्ड में सेव थे.



 


     पुलिस ने इस मामले में कोलकाता और फुलवारीशरीफ की तीन सेक्स वर्कर और उनकी महिला दलाल को चार अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है. पटना के बोरिंग रोड समेत कई इलाकों में ये लोग जिस्मफरोशी का धंधा चलाते थे. पुलिस ने सेक्स रैकट चलाने वाले इन आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था. एक पुलिसकर्मी ने ग्राहक बनकर महिला दलाल को फोन किया. जब उसे भरोसा हो गया कि फोन करने वाला ग्राहक है तो उसने तय पते पर लड़की से मिलने के लिए बुलाया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला दलाल समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इन सबका मास्टरमाइंड आलोक नाम का शख्स निकला जो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है.


     गिरफ्तार इंजीनियर ने बताया कि नौकरी छोड़कर वह सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान उसने अपना नंबर एक एडल्ट वेबसाइट पर दर्ज करवा लिया जिसके बाद उसे फोन आने लगे और संपर्क बढ़ता गया. आरोपी इंजीनियर के साथ पुलिस ने कोलकाता से आई सेक्स वर्कर को भी गिरफ्तार कर लिया.


     शातिर इंजीनियर ग्राहक से सीधे बातचीत नहीं करता था. वही लोग इन तक पहुंच पाते थे जो उस वेबसाइट के जरिए आते थे. इसके बाद व्हाट्स ऐप पर ही पूरी बात होती थी और लड़की की तस्वीर भी दिखाई जाती थी. गूगल पे या फिर पेटीएम के जरिए पहले ही 7 हजार से लेकर 45 हजार तक मोटी रकम वसूली जाती थी. पूछताछ में एक सेक्स वर्कर ने बताया कि वो नाबालिग है और काम ढूंढने के चक्कर में महिला दलाल के संपर्क में आ गई. कुछ दिन महिला ने उससे घर का काम करवाया औऱ फिर जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया.