भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ने की जा रही तैयारियों की बैठक ली

द्वारा -- रवि आनंद (वरिष्ठ पत्रकार) 


   पटना - भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, चुनाव आयुक्त  सुशील चंद्रा एवं राजीव कुमार ने बिहार में 28 अक्तूबर से होने वाले विधान सभा चुनाव-2020 को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए 29 सितम्बर से 01 अक्तूबर को बैठक ली। बैठकों के दौरान आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और उनके द्वारा उठाए गए विभिन्न मददों एवं सझावों पर संज्ञान लिया। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एच.आर. श्रीनिवासन पलिस नोडल अधिकारियों, केन्द्रीय अर्द्धसैनिक पुलिस बल के अधिकारियों के साथ चुनाव के लिए की जा रही सभी तैयारियों की समीक्षा की।



     उन्होंने कहा कि आयोग स्वतन्त्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण एवं कोरोना में सुरक्षित चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान आयोग दवारा तीन पुस्ताकों का विमोचन किया गया। चुनाव जागरूकता के सम्बन्ध में आम निर्वाचन 2020 के लिए व्यापक स्वीप प्लान सभी के लिए सुगम चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए PwD Action Plan और कोविड-19 के दौरान बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2020 के लिए विस्तृत दिशा। निर्देश चुनाव आयोग ने मतदान की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्तों, मण्डल आयुक्तों तथा रेंज अधिकारियों के साथ भी समीक्षा बैठक की। बाद में बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक, एस०के० सिंघल, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी चुनाव तैयारियों को लेकर किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लिया। आयोग ने चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे, मादक पदार्थ, शराब और उपहार वितरण के दुरूपयोग को रोकने की नीति बनाने के लिए आयकर, आबकारी, वाणिज्यिक कर विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों में प्रमुख रहे -


1. कई राजनीतिक दलों ने आयोग से आग्रह किया कि कोविड काल में चुनाव के दौरान समाजिक दूरी और अन्य ऐतिहाती कदमों की जो व्यापक व्यवस्था जो चुनाव आयोग ने की है, उसके संबंध में मतदाताओं को भी पर्याप्त और समुचित जानकारी दी जाय।।


2. कोविड गाईडलाइंस के विषय में चर्चा करते हुए राजनीतिक दलों ने आशंका व्यक्त की। 'कि उम्मीवारों के Door to Door Campaign तथा चुनावी रैली के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक भीड़ जुटने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता और उसका खामियजा उम्मीदवार को ही न भरना पड़े।


3. पोस्टल बैंलेट के विषय में कुछ राजनीतिक दलों का कहना था कि बर्जग और दिव्यांगजन मतदाता Returning Officer तक समय से अपना आवेदन पहुंचा पाएं। इसके लिए कोई सुविधा उन्हें घर पर ही दी जानी चाहिए।


4. कछ राजनीतिक दलों ने इस बात पर स्पष्टता मांगी कि क्या प्रत्यक्ष चुनाव अभियान की इजाजत होगी या नही। एक दल ने यह भी कहा की ऐसे चिन्हित स्थानों की सूची जहाँ रैली आयोजित हो सकती है, सभी दलों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मतदाताओं की सूची भी Physical form में दिलवाई जाए।


5. Online Nomination and Rally Permission की सरहाना करते हुए उन्होनें चाहा कि RO Office तक दूर न जाना पड़े।